कामकाजी महिलाओं को कार्यस्थल पर व्यवसायिक तनाव एवं चुनौतियां एक अध्ययन खरगोन जिले के विशेष संदर्भ मे

  • महालक्ष्मी सोलंकी पी.एच.डी शोद्यार्थी (समाजकार्य)ए (स्कूल आॅफ सोशल साइंस)ए दे.अ.वि.वि.ए इन्दौर

Abstract

शोध सारांशः- भारत मे कामकाजी महिलाओ का प्रतिशत दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। महिलाऐ प्रत्येक क्षेत्र मे अपनी उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है वह परिवार और व्यवसाय दोनो मे सांमजस्य स्थापित करती है। लेकिन परिवार और कार्यस्थल दोनो मे सांमजस्य स्थापित करने मे उसे मानसिक तनाव का शिकार होना पड़ता है व्यवसायिक तनाव का प्रमुख कारण कार्यस्थल पर कार्यभार का अधिक होना, कार्य के घंटे, कार्यस्थल से दूरी, सहयोगियो केे साथ तनाव पूर्ण संबंध, अधिकारियो द्वारा आलोचना आदि कारणो से वह कार्यस्थल पर व्यवसायिक तनाव का शिकार होती है। जिनका प्रभाव उसकी कार्यक्षमता पर पड़ता है महिलाओ मे जीवन का तनाव ज्यादा होने का कारण काम का अधिक दबाव तथा परिवार द्वारा सहयोग न मिलना है। इसके साथ ही वह अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नही दे पाती है। और वह मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को कमजोर महसूस करती है कार्यरत महिलाओ को कार्यस्थल पर अधिक समय व्यतीत करना होता है जिससे वह अपने परिवार को उचित समय नहीं दे पाती और जिसका प्रभाव उसके व्यवसाय पर भी पड़ता है। अध्ययन का उद्देश्य कामकाजी महिलाओ मे होने वाले व्यवसायिक तनाव एवं कार्यस्थल पर आने वाली चुनौतियों का अध्ययन करना है
How to Cite
महालक्ष्मी सोलंकी. (1). कामकाजी महिलाओं को कार्यस्थल पर व्यवसायिक तनाव एवं चुनौतियां एक अध्ययन खरगोन जिले के विशेष संदर्भ मे. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 INTERNATIONAL JOURNAL IF:7.98, ELJIF: 6.194(10/2018), Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767, 5(5). Retrieved from http://www.ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/64